टॉक्सिकम से फसलों को रासायन मुक्त कराये जैविक खेती को सफल बनाए

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रमा क्रॉप साइंस रायपुर छत्तीशगढ़ में स्थिक एक कृषि फसलों के लिए और उपज को ध्यान में रखकर जैविक उत्पाद तैयार करने वाली कंपनी है विभिन्न प्रकार की किसानो की मांग और फसलों के लिए उच्चा गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करने के लिए उचित अनुसन्धान और वैज्ञानिको की देखरेख से उत्पादों का निर्माण करती है।
किसान भाई आज के समय में जैविक खेती की सच में आवश्यकता है जिस अनुसार कृषि रसायनो से मनुस्य के स्वाथ्य को नुकसान होता है।
टॉक्सिकम जैसे उत्पादों को वैज्ञानिको की देखरेख में और किसानो की समस्याओं को देखते हुए बनाया गया है.
सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला उत्पाद बनने जा रहा है टॉक्सिकम क्युकी अभी तक किसानो को खेती के लिए उच्चा गुनवत्ता के फसलों से उत्पादन लेने के लिए रासायनिक दवाइयों का उपयोग करना और ऐसे उत्पाद जिनमे ज्यादा जहरीले तत्वा होते है उनको बड़वा देना ये काम होते  है। लेकिन रमा क्रॉप साइंस ने किसानो के हित में सोचते हुए निजात किया है

टॉक्सिकम को एक उदाहरण से आपको समझना होगा  जिस तरह मनुस्य के शरीर में ज्यादा फ़ूड को देने से फ़ूड पोइज़निंग होता है या ज्यादा दवाइयों के सेवन से मनुस्य के शरीर में रिएक्शन जैसी समस्या आजाती है लेकिन मनुस्य के पास इसका इलाज होता है उसी तरहा से फसलों  में ज्यादा मात्रा में रासयनिक दवाओं का छिड़काव करने से फसलों को भी नुक़साम होता है।

किसान भाई अपने देखा होगा जब हमें कहा जाता है की खरपतवारनाशक को 20 ML ही डालना है तब हम ये सोचकर 40 ML तक दवा की मात्रा डालते है की दवा जल्दी और अच्छे से असर करे जबकि ऐसे करने से हमारे फसलों में जलन या पीलापन और इसी प्रकार लक्षण हमें देखने को मिलता है ये लक्षण हमारे धन्या सब्जी और फलो वाले पौधों पर भी देखने को मिलता है।
जब भी आपकी फसलों में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो आप 40 ML टॉक्सिकम को 15 लीटर पानी में मिलकर तुरंत छिड़काव करे ताकि रसायन का दुस्प्र्भाव कम हो सके

टॉक्सिकम के पौधों में कार्य

1. पौधों में हरापन और पोधो को तंदुरुस्त बनता है
2 . पौधों को ऊर्जा प्रदान करता है ताकि रोग और कीटों से पौधा खुद ही लड़ सके 
3 . पौधों में यदि रोग या  कीटों  के हमले से कमजोरी है तो बिना देर किये टॉक्सिकम को छिड़काव करे ताकि पौधा फिर से नए ऊर्जा से खड़ा हो पाए और उपज में वृद्धि हो।
4 .पौधों में रसयानो के अधिक प्रयोग से फसलों में जलन जैसे लक्षणों को कम करता है।
5. यदि टॉक्सिकम को खरपतवार के छिड़काव के २ दिन बाद डालते है तो आपके फसलों पर ऊपर दिए गए सभी समस्या आएगी ही नहीं

टॉक्सिकम की मात्रा कितनी लगेगी प्रति एकड़

40 -45 ML प्रति स्प्रेयर / 5 -6 स्प्रेयर एक एकड़ में छिड़काव करे
1 लीटर का टॉक्सिकम ३ एकड़ में छिड़काव करना है।

अनुशंसित फसले

धान , सोयाबीन, अरहर, मसूर, चना, गेहू, गन्ना , मक्का , मूंगफली , कपास और तिलहन फसलों में साथ ही सभी प्रकार के फसलों में आप टॉक्सिकम का उपयोग कर सकते है।

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